ऊना ज़िले भर में, चार तीर्थ गुरु गोबिंद सिंह जी और गुरु हरगोबिंद साहिब जी की इन पहाड़ियों और नदी घाटियों से होकर की गई यात्राओं का पता देते हैं।
स्थान: बाठू, ऊना
एक पुराने पलाह वृक्ष के नीचे, गुरु गोबिंद सिंह जी और उनके निष्ठावान मित्र बाबा कलाधारी का मिलन-स्थल।
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स्थान: सलूरी, ऊना
सुआँ नदी के तट पर, जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी नादौन जाते हुए रुके।
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स्थान: नंगनोली, ऊना
जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी सलूरी से शिकार यात्रा के दौरान रुके।
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स्थान: ऊना शहर
उस बाग़ का स्मारक जहाँ गुरु हरगोबिंद साहिब जी अपनी यात्राओं के दौरान कभी विश्राम के लिए रुके।
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वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन