अनंतनाग ज़िले में, दो तीर्थ कश्मीर घाटी से होकर गुरु नानक देव जी की तीसरी उदासी के मार्ग को चिह्नित करते हैं।
स्थान: मट्टन, अनंतनाग
जहाँ गुरु नानक देव जी तेरह दिन ठहरे और अभिमानी विद्वान पंडित ब्रह्म दास का अहंकार तोड़ा।
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स्थान: बिजबिहाड़ा, अनंतनाग
पंडित ब्रह्म दास का पूर्व निवास, जहाँ गुरु नानक देव जी ने अपनी कश्मीर यात्रा के दौरान चर्चा की।
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वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन