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सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा पातशाही छठी अते नौवीं साहिब

घनौर जट्टां — संगरूर, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

संबद्ध - श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, श्री गुरु तेग बहादुर जी

गुरुद्वारा श्री पातशाही छठी अते नौवीं साहिब
घनौर जट्टां
संगरूर  ·  पंजाब

संबद्ध - श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, श्री गुरु तेग बहादुर जी

श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी और श्री गुरु तेग बहादुर जी दोनों अलग-अलग समय पर घनौर जट्टां गाँव पधारे।

गुरु हरगोबिंद यहाँ पधारे और अपना घोड़ा लकड़ी के दो खूँटों से बाँधा, जो बाद में अंकुरित हो गए और अब पूर्ण विकसित करीर के वृक्ष के रूप में मौजूद हैं।

श्री गुरु तेग बहादुर जी ने मालवा क्षेत्र की अपनी यात्रा के दौरान इस स्थान को अपने चरणों से पावन किया।

स्मृति
श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी
पता
Ghanaur Jattan, Sangrur, Punjab, India
"
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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